in

जेब में थे बस 3800 रुपये, पर दुनिया घूमने का जज़्बा लिए इस शख़्स ने 4 सालों में कर डाली 45 देशों की यात्रा

दुनिया घूमने का सपना कई लोगों का होता है लेकिन कम ही ऐसे लोग होते हैं जो अपने इस सपने को साकार कर पाते हैं. लेकिन जर्मनी के एक नौजवान ने विपरीत परिस्थितियां होते हुए भी ये कारनामा कर दिखाया है. 45 देश और 1511 दिनों की उनकी इस हैरतअंगेज़ यात्रा में कई उतार-चढ़ाव आए लेकिन जेब में केवल 46 पाउंड के साथ उन्होंने ऐसा कर दिखाया.

क्रिस्टोफ़र स्कॉट 23 साल के हैं और वे रविवार को अपने देश जर्मनी वापस लौट रहे हैं. Schleswig-Holstein के एक छोटे से गांव Sahms में रहने वाले क्रिस चार सालों की यात्रा के बाद घर लौटने को लेकर बेहद उत्साहित हैं. क्रिस्टोफ़र ने अपने सफ़र की शुरूआत 1 जुलाई 2013 को की थी. उनकी जेब में महज़ 50 पाउंड थे और वे लिफ़्ट लेकर एम्सटर्डम पहुंच गए थे.

उस समय शायद क्रिस को भी एहसास नहीं होगा कि उनका ये सफ़र 62000 मील तक चलेगा. क्रिस ने प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को भी बोट से ही पार किया था. क्रिस ने अपनी ट्रिप के दौरान कई ऐसे काम किए जिन्हें सामान्य ज़िंदगी में वो शायद कभी ट्राई नहीं करते. वे इस दौरान उन्होंने एक Yacht पर हाथ बंटाया और ड्रग तस्करों के बीच भी काम किया. उन्होंने इस दौरान हवाई जहाज़ को छोड़कर हर तरह के ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया.

अपनी इस ट्रिप के दौरान वे कई रोमांचक दौर से भी गुज़रे थे. Vanuatu नाम के देश में वे उफ़नते ज्वालामुखी के काफ़ी करीब पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि एक बार बेहद अंधेरी रात में हम एक ज्वालामुखी की तरफ़ बढ़ रहे थे और जैसे ही हम ज़्वालामुखी के टॉप पर पहुंचे एक भयंकर लहर हमारी तरफ़ आती दिखाई दी. उन्होंने कहा कि उस दौरान ऐसा लगा मानो पूरी धरती हिल गई हो. हमारा एक साथी तो लावा से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर था. हालांकि हम बच निकलने में कामयाब रहे. ये जितना डरावना था उतना ही रोमांचक भी था.

पिछले चार सालों में, मैंने खुले आसमां के नीचे सैंकड़ों बार रात बिताई है. कई बार मैं सड़कों पर सोया, तो कभी पोर्ट्स पर, कई बार मुझे शहर के बदहाल क्षेत्रों में भी रात बितानी पड़ी. उन्होंने कहा कि ‘मैं ड्रग तस्करों के साथ रह रहा था, इनमें से कुछ लोग अपराधी भी थे और मैंने लगभग हर देश में Hitchhiking भी की थी, इसे किस्मत कहें या कुछ और लेकिन पिछले चार सालों में मेरे साथ लूट की कोई घटना नहीं हुई.’

क्रिस ने कहा कि ‘जैसे ही मैं ब्रिटिश गुयाना पहुंचा. मैंने दो लड़कियों को अपना दोस्त बना लिया. इन लड़कियों ने मुझे अपने साथ रहने का ऑफ़र दिया लेकिन उन्होंने पहले ही साफ़ कर दिया था कि वे एक Ghetto के बीचों-बीच रहती हैं. मैंने उनका ऑफ़र स्वीकार कर लिया.’

क्रिस का कहना था कि ये महिला दरअसल कोई और नहीं बल्कि ब्रिटिश गुयाना के सबसे बड़े ड्रग तस्कर की छोटी बहन थी. क्रिस ने अपनी यात्रा के दौरान 20 अलग-अलग तरह के प्रोफ़ेशन में हाथ आज़माया. गुयाना में गोल्ड माइनिंग में जॉब करने के अलावा उन्होंने पेरू में एक पेट्रोल पंप कर्मचारी के तौर पर भी काम किया वहीं दक्षिण कोरिया में सैमसंग के एक विज्ञापन के लिए उन्होंने बतौर एक्टर काम करने का भी मौका मिला.

उन्होंने कहा कि यूं तो ट्रांसपोर्ट, रहने और खाने का इंतज़ाम ही किसी ट्रिप के दौरान महंगा पड़ता है. लेकिन मैंने इस मामले में काफ़ी पैसा बचाया. मैं खुशकिस्मत था कि इस दौरान मुझे कई शानदार लोग भी मिले वर्ना इतने कम पैसों में दुनिया घूम लेना आसान नहीं होता.

क्रिस का कहना था कि ये महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कितना कमाते हैं लेकिन ये बेशक ज़रूरी है कि आप किस तरह से अपना पैसा खर्च करते हैं. अगर इंसान की फितरत खर्चीली न हो तो पेरिस जैसी जगहों पर भी 2 पाउंड से भी कम में रहा जा सकता है.

क्रिस की इस शानदार यात्रा को लेकर जर्मन मीडिया में भी खबरें आई थी. इन्हीं खबरों को पढ़ मिचेल नाम की एक महिला ने क्रिस को पत्र लिखना शुरू किया था. क्रिस जब भारत आने का प्लान कर रहे थे तो मिचेल ने भी क्रिस के साथ आने का फ़ैसला किया और अब ये दोनों कपल हैं.

अपने घर, जर्मनी लौटने के बाद क्रिस अपनी थियोलॉजी की पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं., अपनी गर्लफ़्रे़ड के साथ वक्त बिताना चाहते हैं और अपने यात्रा के अनुभवों को एक किताब की शक्ल देना चाहते हैं. क्रिस को हालांकि सबसे ज़्यादा इंतज़ार अपनी फ़ेवरेट जर्मन ब्रेड और बीयर का है.

Source: The Sun

Facebook Comments

What do you think?

0 points
Upvote Downvote

Total votes: 0

Upvotes: 0

Upvotes percentage: 0.000000%

Downvotes: 0

Downvotes percentage: 0.000000%

अगर सोचते हो कि ग्राहक सिर्फ़ बेवक़ूफ़ बनते हैं, तो Consumer Court के इन Cases के बारे में ज़रूर पढ़िए

सिर्फ़ चिड़ियां ही नहीं, आदमी भी पुल के नीचे घर बना सकते हैं. ‘Fernando Abellanas’ ने ये साबित कर दिया है