सोचना सीखने का ये मतलब नहीं है की हम ये सीखने जा रहे की सोचना क्या है बल्कि इसका ये मतलब है की किसी भी विषय पर हम किस तरह से सोचते है। हमारी सोच एक छोटे से विषय को बड़ा बना कर उलझा सकती है तो एक बड़े विषय को तुरंत सुलझा भी सकती है। सबसे पहले जानते है वो क्या चीजे है जो हमारे सोचने के तरीके को सुनिश्चित करती है –


(1) वातावरण
हम जिस वातावरण में रहते है हमारा सोच वैसा ही बनता चला जाता है। वातावरण से हमारा मतलब है – हम जिस घर में रहते है उसका माहौल ,जिस स्कूल में पढ़ते है वहां की शिक्षापध्हती , जहाँ काम करते है वह के सीनियर्स की सोच , सांस्कृतिक , धार्मिक और राजनितिक वातावरण , आदि काल से चली आ रही प्रथाएं इत्यादि। हमारे वातावरण में ये सभी चीजे सम्मिलित होती है।उदाहरण के तौर पर आप कुछ परिवार में जाते होंगे तो उनके यहाँ अत्यंत शांति होती होगी और लोग अत्यंत ही शांत स्वाभाव के होते होंगे वही कुछ परिवार हमेशा पशुओं की तरह लड़ते रहते है। और फलतः इनकी आने वाली पीढ़ी भी भी वैसी ही होती चली जाती है ।

[2 ] अनुभव
हमारा व्यव्हार तथा सोच हमारे अनुभवों के आधार पर बदलता रहता है। अगर हमारे रिश्ते किसी के साथ अच्छे होते है तो हमारा सोच तथा व्यव्हार उनके प्रति अच्छा होता चला जाता है। अनुभव हमारे सोच तथा व्यव्हार के आधार की तरह काम करते है। अनुभवों के आधार पर हम निर्णय लेते है जो हमें भविष्य में निर्देशित करता है।

[3 ] शिक्षा
शिक्षा का मतलब सिर्फ गुरुकुल में अर्जित किया हुआ विद्या नहीं होता बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में घटित होने वाले घटनाओं से मिली सिख भी शामिल होती है। शिक्षा का हमारी सोच पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में शिक्षक का महत्व बड़ा बढ़ जाता की वो हमें कैसी शिक्षा देते है।

अगर इन तीन चीजों का समायोजन ठीक से बैठ जाये तो हमारी सोच निश्चित ही उत्कृष्ट बन जाती है जो फलतः हमें किसी भी कठिन अवस्था से बाहर आने में मदद करती है । अगर हम चाहे तो अपने सोच में परिवर्तन ला सकते है । हाँ हो सकता है इसके लिए कुछ कठिन बदलाव करने पड़े ।


आइए जानते है कुछ तथ्यों को जो हमें अपने सोच को उत्कृष्ट बनाने में मदद करते है-
[१]अगर आप गलत वातावरण में रह रहे तो शीघ्र ही उसे बदलिए।


[२]अगर आप गलत मार्गदर्शन में काम कर रहे तो अपना मार्गदर्शन बदले।


[३]अगर आपको लगता है आपको शिक्षा ग्रहण करने की जरुरत है तो संकोच मत कीजिये।


[४] भगवत गीता जैसे ग्रन्थ पढ़े ये आपका सही मार्गदर्शन करेंगे।


[५]किसी भी परिस्थिति में विनम्र रहे , क्रोध हमारे सोचने की शक्ति को कम कर देता है ।

उम्मीद है ये पोस्ट आपके जिंदगी में ब्रह्मास्त्र साबित होगी । ऐसे ही पोस्ट के लिए ब्रह्मास्त्र से जुड़े ओर औरो को भी जोड़े । इस पोस्ट को अपने परिजनों के साथ साझा करें क्योंकि बदलाव की शूरुआत हमसे और आपसे ही होती है ।

धन्यवाद ! आपका दिन शुभ हो

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