Monday, September 21, 2020
Home Asli Story पैसा बोलता नहीं है; वचन देता है !

पैसा बोलता नहीं है; वचन देता है !

आप बचपन से सुनते आ रहे होंगे कि ” इंसान नहीं बोलता उसका पैसा बोलता है। ” जबकि ये पूर्णतः गलत है। आज मैं आपको समझाऊंगा कि “पैसा बोलता नहीं , वचन देता है। “
आइए सबसे पहले समझते है पैसा होता क्या है। दरअसल पैसा लेन-देन का एक माध्यम है। हम अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका इस्तेमाल करते है। आपने शारीरिक स्वस्थता तथा मानसिक स्वस्थता के बारे में तो खूब सुना होगा पर आपको जान लेना चाहिए की सुखी जीवन के लिए आर्थिक स्वस्थता भी उतनी ही जरुरी है।


जिस प्रकार शरीर में अगर रक्त का सञ्चालन सुचारु रूप से होता है तो उसे हम शारीरिक स्वस्थता कहते है , उसी प्रकार जीवन में अगर पैसे का सञ्चालन सुचारु रूप से हो तो उसे हम आर्थिक स्वस्थता कहते है। इसीलिए कहा गया है पैसा बोलता नही वचन देता है । वचन देता है एक सुखी समृद्ध तथा यश और वैभव से परिपूर्ण जीवन का ।


आपने एक कहावत सुनी होगी – “धन का लोभ सारे दुखो का कारण है।” इसमें सुधार की आवश्यकता है – “केवल धन का लोभ सारे दुखो का कारण है। “

आइए इसको समझते है। अभी तक हमने जाना है कि सुखमय जीवन के लिए धन होना आवश्यक है लेकिन अगर हम धन के लिए जीवन जीना ही भूल जाये तो तो वो धन किस काम का। अतः हमें धन कमाना तो है लेकिन जिंदगी के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए।
साथ ही धन कमाते वक़्त हमें अपने संस्कार भी ऊँचे रखने है। कहा जाता है गलत तरीके से कमाया हुआ धन हमें खून के आंसू रुलाता है

गरीबी एक मानसिक बीमारी है !
अन्य मानसिक बिमारियों कि तरह गरीबी भी एक मानसिक बीमारी ही है। यह एक सोच है और जिस दिन हम ये सोच बदल देंगे उसी दिन से गरीबी हमसे दूर होती चली जाएगी।शुरुआत भले ही छोटा हो सकता है लेकिन एक दिन हम अच्छे मुकाम पे जरूर पहुंच जाएंगे ।

आइए जानते है धन को कमाने , संचय करने तथा खर्च करने के बारे में कुछ तथ्य-

1】धन के अर्जन के लिए आपको छोटे बड़े रिस्क लेने ही होते है । अगर आप ये सोचेंगे कि मैंने बिज़नेस शुरू किया और अगर उसमे घाटा हो गया तो या लोग मुझपे हसेंगे तो आप कभी शुरुआत कर ही नही पाएंगे ।
【2】धन के अर्जन के 1 से ज्यादा श्रोत रखे । ऐसे में अगर आपका का 1 श्रोत बन्द भी हो जाता है तो आपको कठिनाईयों का सामना नही करना पड़ेगा ।
【3】धन अर्जन तो एक कला है ही , इसका खर्च ओर संचय भी एक कला है । हमे अपने आय के अनुसार ही अपने खर्च करने चाहिए तथा विकट परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी धन का संचय करना चाहिए ।
【4】अगर हम सक्षम है तो हमे अपने धन का कुछ भाग जरूरतमंदों को जरूर दान देना चाहिए । ऐसा करने से हमारे यश और वैभव में अपार वृद्धि होती है ।

उम्मीद है ये पोस्ट आपके जिंदगी में ब्रह्मास्त्र साबित होगी । ऐसे ही पोस्ट के लिए ब्रह्मास्त्र से जुड़े ओर औरो को भी जोड़े । क्योंकि बदलाव की शूरुआत हमसे और आपसे ही होती है ।

आपका दिन शुभ हो !

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

समस्याएं – सौ ऊंटो की कहानी

जीवन में कभी कभी हम चारो ओर से समस्याओं से घिर जाते हैं और फिर सोचते है ये हमारे साथ ऐसा क्यों...

सबसे कीमती चीज !

इस दुनिया मे सबसे कीमती चीज क्या है ? कुछ लोगो के अनुसार धन सबसे कीमती है तो कुछ लोगो के लिए...

हनुमान जी का जन्म और नामाकरण

'हनुमान' यह शब्द हिन्दू धर्म मे एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है । इन्हें हिन्दू धर्म मे संकटमोचन के उपाधि से नवाजा...

शिष्टाचार – स्वामी विवेकानंद का प्रसंग

जब भी भारत के पवित्रता तथा अथाह ज्ञान से भरे इतिहास की बात की बात होती है तो विवेकानंद जी का नाम...

Recent Comments