आज हम जिस युग मे रह रहे है वहां सोशल मीडिया का बोलबाला है । चारो ओर फेसबुक , इंस्टाग्राम , ट्वीटर और व्हाट्सएप्प जैसे सोशल मीडिया एप्पलीकेशन का चकाचौंध है । आजकल हम कही घूमने भी जाते है , तो उस जगह का आनंद लेने के बजाय हमे इस बात की चिंता रहती है इसका फ़ोटो खिंच के सोशल मीडिया पर अपलोड करना है ।कभी कभी तो महँगा खाना भी इसिलए आर्डर कर लेते है , चाहे उसका स्वाद खराब ही क्यों न हो ।

एक समय था जब हम खूबसूरत दिखने के लिए मेकअप का सहारा लेते थे । पर आज इन एप्पलीकेशन में सैकड़ो फिल्टर्स में हम खो से गये है , जहा चंद समय मे ये हमे ऐसा बना देता है की खूबसूरती भी शर्मा जाए । वैसे खूबसूरत दिखना कोई बुरी बात नही है , पर तभी तक जब तक ये दिखावा न बन जाये ।

अब तो माहौल ऐसा है , हम खुश हो या न हो जताना जरूरी है , हमारे पास धन हो या नही पर प्रदर्शन करना जरूरी है , खूबसूरत हो या नही पर दिखना जरूरी है और ये ड्रामा ये अभिनय करते करते हमे ये आभास ही नही होता , हम अपनी असल जिंदगी से कितनी दूर निकल जाते है । अंततः खुद से खुद की इस दूरी में खुद को ही खो देते है ।

किसी ने क्या खूब कहा है –

जंगल जंगल ढूंढ रहा है मृग अपनी कस्तूरी ,

कितना मुश्किल है तय करना खुद से खुद की ये दूरी ।

मित्रो जैसे हम इन एप्लिकेशन पर अपनी फिल्टर्स वाली फ़ोटो दिखाते है ना वैसे ही हमारे इस मस्तिष्क को दर्पण दिखाना बहुत जरूरी है नही तो ये अपना अस्त्तित्व ही भूल जाता है ।

आईना कभी धोखा नही देता । ये कभी झूठी प्रशंसा नही करता । हम चाह कर भी इससे कुछ छुपा नही सकते । ये हमे खुद से रूबरू करवाता है । हमारी कमियों को हमारे सामने रखता है तथा उन्हें ठीक करने का मौका देता है । हाँ ये हो सकता है इन कमजोरियों को देखकर हमे पीड़ा हो , लेकिन यकीन मानिए जिंदगी बदल जाएगी ।

किसी ने सच ही कहा है , खुद से और खुदा से कभी झूठ नही बोलना चाहिए । इसलिए आवश्यक है , हम अपने मन के दर्पण से दोस्ती करे तथा समय समय पर इससे रूबरू होते रहे । मैं आपको इस सोशल मीडिया से दूर होने को नही कर रहा , हाँ पर इसका सही इस्तेमाल करने का समय आ गया है ।

फिल्टर्स लगाने के बजाए प्राकृतिक रूप से सुंदर बनने की कोशिश करे ।धन के प्रदर्शन के बजाए उसके अर्जन पर ध्यान लगाए लोगो को अपने आप पता चल ही जाता है । किसी लाचार की मदद इसलिए न करे कि आप लोगो को दिखा सके । आपने सुना ही होगा “नेकी कर दरिया में डाल ” ।

और सच तो ये है कि ऊपर बैठे उनसे ईश्वर , अल्लाह से कुछ नही छुपा । अगर दिखाना ही है तो उनको दिखाए । आइए आज से ऐसे जिंदगी की शुरूआत करते है , जहा अगर हम खुश हो तो दिल से खुश हो । जी हां ऐसा करना आज भी मुमकिन है , बस सोच तो बदलकर देखिए। और यकीन मानिए अगर सचमुच आप जिंदगी में कुछ करना चाहते है ये आपको करना ही पड़ेगा इस मोह के दुनिया से बाहर आना ही पड़ेगा !

उम्मीद है ये पोस्ट आपके जिंदगी में ब्रह्मास्त्र साबित होगी । ऐसे ही पोस्ट के लिए ब्रह्मास्त्र से जुड़े ओर औरो को भी जोड़े । क्योंकि बदलाव की शूरुआत हमसे और आपसे ही होती है ।

आपका दिन शुभ हो !

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